Gst Latest News In Hindiभारत में सितंबर 2025 से लागू नई जीएसटी दरें एक ऐतिहासिक और व्यापक सुधार का हिस्सा हैं, जो देश की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को सरल, पारदर्शी और विकासोन्मुख बनाने के लिए लागू की गई हैं। इस ब्लॉग में नए जीएसटी रेट में हुए बदलाव, कंपनियों द्वारा यह कैसे लागू होगा, और नए दरों की विस्तृत सूची हिंदी में प्रस्तुत की गई है।
नया जीएसटी रेट सिस्टम – एक परिचय gst latest news in hindi
सितंबर 2025 में जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में जीएसटी की दर संरचना को चार स्लैब से घटाकर सिर्फ तीन प्रमुख स्लैब में समेकित कर दिया गया है: 5%, 18% और 40% (विशेष वस्तुओं के लिए)। यह सुधार जीएसटी 2.0 या अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों के नाम से जाना जाता है। इसका उद्देश्य कर भुगतान को आसान बनाना, दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर कर भार कम करना, और व्यवसायों के लिए प्रक्रिया को सरल बनाना है।
मुख्य रूप से, 5% स्लैब का उपयोग दैनिक आवश्यकताओं और प्राथमिकता वाले सेक्टरों के लिए, 18% स्लैब का अधिकांश सामान एवं सेवाओं के लिए, और 40% स्लैब का उपयोग विलासिता और ‘सिन गुड्स’ जैसे तंबाकू, पान मसाला, और कार्बोनेटेड पेयों के लिए किया जाता है। Gst Latest News In Hindi
भारत में नए GST नियम 2025
- सरलित GST स्लैब: पुराने चार स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) को अब मुख्य तीन स्लैब में बदल दिया गया है:
- 0% (कुछ वस्त्र व सेवाएं पूरी तरह छूट)
- 5% (दैनिक आवश्यकताएँ, कृषि उपकरण, दवाएं आदि)
- 18% (अधिकतर सामान व सेवाएं)
- 40% (लग्जरी, सिगरेट, तंबाकू, पान मसाला जैसे पाप पदार्थ और प्रीमियम वस्तुएं)
- GST दरों में बड़े बदलाव:
- दैनिक उपयोग की कई वस्तुएं जैसे साबुन, टूथपेस्ट, शैंपू, दूध, दवाएं अब 5% GST पर आएंगी। इससे इन वस्तुओं पर टैक्स कम हो जाएगा जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
- कृषि उपकरण, प्रिंटेड मटेरियल, पैकेजिंग बॉक्स, कुछ नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण भी अब 5% GST के दायरे में आए हैं।
- ऑटोमोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की दर 28% से घटाकर 18% की गई है।
- सुविधा और सेवा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं पर 5% टैक्स या छूट दी गई है।
- शिक्षा सेवाएं पूरी तरह टैक्स से मुक्त की गई हैं।
- रिटर्न फाइलिंग एवं इनपुट टैक्स क्रेडिट में बदलाव:
- GST रिटर्न फाइलिंग की अवधि अब तीन साल तक सीमित होगी। अगर कोई कारोबारी तीन साल के अंदर रिटर्न नहीं फाइल करता, तो आगे से वह रिटर्न फाइल नहीं कर सकेगा।
- GSTR-3B फॉर्म के ऑटो-पॉपुलेट आंकड़ों में अब एडिटिंग की अनुमति नहीं होगी, जिससे टैक्स फाइलिंग ज़्यादा पारदर्शी बनेगी। Gst Latest News In Hindi
- इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के लिए नियम कठोर किए गए हैं, गलती होने पर ITC खोने का खतरा बढ़ गया है।
- तेज़ रिफंड, ऑटोमैटिक रजिस्ट्रेशन जैसी सुविधाएँ बिज़नेस के लिए लागू की गई हैं ताकि अनुपालन आसान हो।
नए जीएसटी रेट की मुख्य बातें
- दैनिक उपयोग की वस्तुएं जैसे साबुन, टूथपेस्ट, इंडियन ब्रेड आदि पर टैक्स 5% या शून्य (निल) कर दिया गया।
- चिकित्सा क्षेत्र में जीवन रक्षक दवाएं, चिकित्सा उपकरणों पर शून्य या 5% कर।
- छोटे दोपहिया वाहन, कार, टीवी, एयर कंडीशनर पर 28% से घटाकर 18% कर।
- कृषि उपकरण और मशीनरी पर कर घटाकर 5% किया गया।
- तंबाकू, पान मसाला, कॅरिबोनेटेड पेय पदार्थ पर कर बढ़ाकर 40% किया गया। gst latest news in hindi
कंपनियों के लिए जीएसटी लागू करने के तरीके Gst Latest News In Hindi
- रिपोर्टिंग और इनवॉइसिंग में बदलाव: कंपनियों को नए दरों के अनुसार अपनी बिक्री और खरीद का इनवॉइस जारी करना होगा जिसमें 5%, 18% या 40% नए स्लैब के अनुसार कर लगाया जाएगा।
- इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का समायोजन: जीएसटी की दरों में बदलाव के कारण कंपनियों को ITC के समायोजन पर विशेष ध्यान देना होगा ताकि वे क्रय पर चुकाए गए कर को सही तरीके से विक्रय पर लागू कर सकें।
- सॉफ्टवेयर और अकाउंटिंग सिस्टम अपडेट: सभी कम्पनियां अपने ERP और अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर को इन नई दरों के अनुसार अपडेट करें। इससे बहीखातों की सटीकता और कंप्लायंस में आसानी होगी।
- फाइलिंग प्रणाली में बदलाव: गस्त रिटर्न फाइलिंग में भी दरों के अनुसार सही वर्गीकरण और विवरण देना अनिवार्य होगा।
- उद्योग-विशेष निर्देशन: कुछ खास क्षेत्रों के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे, जैसे निर्माण, स्वास्थ्य सेवा, और कृषि, जहां सटीक दर को लेकर स्पष्टीकरण दिया जाएगा।Gst Latest News In Hindi
सितंबर 2025 से नई जीएसटी दरों की विस्तृत सूची (प्रमुख वस्तुओं एवं सेवाओं के लिए) Gst Latest News In Hindi
| वस्तु/सेवा श्रेणी | पुराना रेट | नया रेट (सितंबर 2025 से) |
|---|---|---|
| दैनिक आवश्यक वस्तुएं (साबुन, टूथपेस्ट) | 18% | 5% |
| मक्खन, घी, पनीर जैसे दुग्ध उत्पाद | 12% | 5% |
| पैकेज्ड नमकीन, भुजिया, मिश्रण | 12% | 5% |
| कच्चे अनाज, मसाले, pulses | 5%-12% | 5% |
| जीवन रक्षक दवाएं | 12% | 0% |
| स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम | 18% | शून्य (Exempt) |
| छोटे दोपहिया ≤ 350 सीसी | 28% | 18% |
| कार (Petrol ≤1200cc) | 28% | 18% |
| टीवी, एयर कंडीशनर, डिशवॉशर | 28% | 18% |
| सीमेंट, निर्माण सामग्री | 28% | 18% |
| कृषि उपकरण (ट्रैक्टर, स्प्रेयर) | 12% | 5% |
| तंबाकू, पान मसाला, कार्बोनेटेड पेय | 28% | 40% |
| हस्तशिल्प और कारीगरी के उत्पाद | 12% | 5% |
| शैक्षणिक सामग्री जैसे स्टेशनरी | 12% | 0% |
| होटल में ₹7,500 तक प्रति दिन का आवास | 12% | 5% |
| योग, जिम, सलून सेवाएं | 18% | 5% |
नई जीएसटी दरों का व्यवसायों पर प्रभाव Gst Latest News In Hindi
- लागत में कमी: उत्पादन और कच्चे माल पर कम कर दर होने से कंपनियों के लिए वित्तीय दबाव कम होगा।
- खपत में बढ़ोत्तरी: कम कर दर की वजह से अंतिम उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बढ़ेगी, जिससे बिक्री बढ़ेगी।
- प्रशासनिक सरलता: जीएसटी स्लैबों की कमी से कंपनियों की कंप्लायंस प्रक्रिया आसान होगी।
- विशेष कर संकलन: 40% की दर से लक्जरी और सिन गुड्स पर अधिक कर लगाया जाएगा, जिससे राजस्व का संतुलन बना रहेगा। Gst Latest News In Hindi
उद्देश्य और प्रभाव
- इन नियमों का उद्देश्य GST की जटिलता कम करना, टैक्स दरों को सरल बनाना और आम जनता को किफायती सामान मुहैया करना है।
- व्यवसायों के लिए टैक्स अनुपालन सरल और पारदर्शी बनेगा जिससे टैक्स छूट का दुरुपयोग कम होगा।
- नई रिटर्न नियमावली से गैर-अनुपालन घटेगा और आर्थिक प्रणाली में सुधार होगा। Gst Latest News In Hindi
यह परिवर्तन 22 सितंबर 2025 से पूरे भारत में लागू होंगे और आम उपभोक्ता के साथ-साथ व्यापार जगत को भी लाभ पहुंचाएंगे।
सारांश
सितंबर 2025 में लागू हुई नई जीएसटी दरें भारत की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में एक प्रमुख बदलाव हैं। यह सुधार कर प्रणाली को सरलता, पारदर्शिता और निष्पक्षता के सिद्धांतों पर आधारित बनाता है। दैनिक आवश्यक वस्तुओं और प्राथमिक सेवाओं पर करों में कटौती आम आदमी के लिए राहत लेकर आई है जबकि विलासी वस्तुओं पर आधारित कर बढ़ाने से सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी। यह बदलाव कंपनियों और उद्यमियों के लिए भी राहत और प्रोत्साहन लेकर आएगा, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। gst latest news in hindi
यह ब्लॉग जीएसटी 2.0 के तहत नए दरों, उनके प्रभावों, और व्यापारों के लिए आवश्यक अनुपालन उपायों की एक पूर्ण और विशद जानकारी प्रदान करता है। यदि कंपनियां इन बदलावों को सही ढंग से समझ कर लागू करेंगी, तो वे खुद को नए कर ढांचे में बेहतर तरीके से स्थापित कर सकेंगी और उपभोक्ताओं को भी फायदा मिलेगा।
स्रोत: भारत सरकार के आधिकारिक जीएसटी पृष्ठ, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीआईसी), पीआईबी प्रेस रिलीज और GST Council नोटिफिकेशन

