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Happy Dussehra 2025: विजयादशमी का महत्व, तिथि, इतिहास एवं शुभकामनाएँ

प्रस्तावना

भारत त्योहारों की भूमि है और यहाँ हर पर्व का एक आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्व होता है। दशहरा या विजयादशमी भी ऐसा ही एक महान पर्व है जो अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है। इसे पूरे भारतवर्ष में बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाया जाता है। Happy Dussehra 2025 न सिर्फ धार्मिक आस्था का पर्व है, बल्कि यह हमें जीवन में सत्य, धर्म और सद्भाव को अपनाने की प्रेरणा देता है।

Dussehra 2025 Date and Time की तिथि और मुहूर्त

दशहरे का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व

श्री राम और रावण की कथा

रामायण के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीराम ने लंका के राजा रावण का वध कर माता सीता को सुरक्षित वापस लाया था। इसलिए यह पर्व धर्म की जीत और अधर्म की हार का प्रतीक है। Happy Dussehra 2025

महिषासुर मर्दिनी कथा

महिषासुर एक शक्तिशाली असुर था, जिसे भगवान ब्रह्मा से यह वरदान मिला था कि कोई देव, दानव या पुरुष उसे मृत्यु नहीं दे सकता। इस वरदान के अभिमान में वह अत्याचार करने लगा और स्वर्ग लोक, पृथ्वी सहित तीनों लोकों में तबाही मचाने लगा।

देवताओं की परेशानी

महिषासुर के उत्पात से देवता भयभीत हो गए। महिषासुर ने इंद्रलोक पर अधिकार कर लिया और देवताओं को स्वर्ग से बाहर निकाल दिया। तब सभी देवता ब्रह्मा, विष्णु और शिव के पास गए और अपनी व्यथा बताई।

देवी दुर्गा का प्रकट होना

तीनों प्रमुख देवताओं ने अपनी शक्तियाँ मिलाकर एक दिव्य शक्ति का निर्माण किया — यही देवी दुर्गा थीं। उनकी दस भुजाएँ थीं, हर हाथ में अलग‑अलग अस्त्र‑शस्त्र था। देवी इतनी तेजस्वी थीं कि पूरा ब्रह्माण्ड उनके सामने नतमस्तक हो गया।

महिषासुर से युद्ध

देवी दुर्गा ने महिषासुर को युद्ध के लिए चुनौती दी। महिषासुर ने पहले भैंसे का रूप धारण किया, फिर सिंह, हाथी, मानव आदि विभिन्न रूप बदलता रहा, लेकिन देवी दुर्गा ने अपने पराक्रम और धैर्य से उसका सामना किया।

अंत में, देवी ने महिषासुर के छाती में त्रिशूल घोंपकर उसका वध किया। इस विजय के बाद देवी दुर्गा को ‘महिषासुर मर्दिनी’ कहा जाने लगा।

दूसरी मान्यता के अनुसार, देवी दुर्गा ने इस दिन महिषासुर का वध कर देवताओं को असुरों से मुक्त किया था। इस प्रकार विजयादशमी शक्ति और वीरता का पर्व भी माना जाता है। Happy Dussehra 2025

सीख व महत्व

महिषासुर मर्दिनी की कथा हमें सिखाती है कि

दशहरे से जुड़ी परंपराएँ और आयोजन Happy Dussehra 2025

दशहरा का सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व

  1. यह त्यौहार लोगों में साहस, निष्ठा और धर्म पालन की भावना जागृत करता है।
  2. समाज में बुराइयों जैसे भ्रष्टाचार, अन्याय, अहंकार का त्याग कर सच्चाई को अपनाने की प्रेरणा देता है।
  3. यह पर्व हमें एकता, भाईचारा और सद्भाव का संदेश देता है।
  4. आर्थिक दृष्टिकोण से भी दशहरा का बड़ा महत्व है क्योंकि इस समय से त्योहारी खरीदारी और कारोबार तेज हो जाता है।

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दशहरे की आर्थिक और व्यावसायिक भूमिका

दशहरे के साथ व्यापार, मार्केट, और इकोनॉमी को भी नया जीवन मिल जाता है। बाजारों में रौनक, कपड़ों, इलेक्ट्रॉनिक्स, गिफ्ट आइटम्स, और वाहनों की बिक्री में बढ़ोतरी देखी जाती है। साथ ही कई कंपनियां इस अवसर पर बंपर सेल, ऑफ़र्स और डिस्काउंट भी देती हैं।

दशहरे के रीजनल सेलिब्रेशन

भारत के विभिन्न राज्यों में दशहरा की अपनी अनूठी परंपराएँ हैं —

दशहरा 2025 पर क्या करें — महत्वपूर्ण सुझाव

Happy Dussehra 2025: शुभकामनाएँ

निष्कर्ष

Happy Dussehra 2025 न केवल एक धार्मिक पर्व है बल्कि यह सत्य, न्याय और धर्म की विजय का संदेश देता है। इस दिन हमें अपने जीवन से नकारात्मकता, क्रोध, अहंकार और बुराइयों को समाप्त कर सकारात्मकता और अच्छाई को अपनाने की प्रेरणा लेनी चाहिए। Happy Dussehra 2025

Mahendra Singh Thakur

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